वसूली- रेलवे में लोकल सफर का स्पेशल किराया, लोकल ट्रेन को स्पेशल बनाकर लगभग दुगुने रकम का दिया जा रहा काउंटर टिकट..
रेल अधिकारियों ने पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों से अधिक वसूली शुरू कर दी है। लोकल के नाम पर यात्रियों से एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया लिया जा रहा है। पहले जिस लोकल ट्रेन से बिलासपुर से रायपुर का सफर करने पर 30 रुपए का किराया तय था उसकी जगह 55 रुपए की वसूली हो रही है। इसी तरह बाकी मेमू और अन्य ट्रेनों में भी किराए पर बढ़ोत्तरी शुरू करवा दी है।
जिसके चलते यात्री और शहरवासियों में नाराजगी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन और उनके स्टेशनों में दो दिन पहले छह जोड़ी मेमू पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की अनुमति मिली इनमें बिलासपुर-रायपुर, दुर्ग-रायपुर और रायपुर-डोंगरगढ़ समेत छह मेमू स्पेशल पैसेंजर ट्रेन को शामिल किया गया है। रेलवे बोर्ड ने इसकी हरी झंडी देकर 12 फरवरी से परिचालन पर सहमति जताई है।
क्षेत्र के लोग इस आस में थे कि उन्हें इन पैसेंजर ट्रेनों के चलने से किराए और स्टॉपेज में राहत मिलेगी। इसके उलट रेलवे ने इन ट्रेनों को भी स्पेशल के नाम पर चलाना शुरू कर दिया और इनके किराए में बढ़ोत्तरी कर दी है। टिकट जरूर काउंटर से उपलब्ध हो रहे हैं।
इसके चलते ही पूरे दिन लोगों में भटकाव की स्थिति निर्मित हुई। टिकट काउंटर के कर्मचारियों को भी कई तरह के नियमों को रेल के बड़े अधिकारियों ने नहीं बताया। इसलिए ही इस बात को लेकर पूरे दिन संशय रहा कि बिलासपुर रायपुर स्पेशल पैसेंजर ट्रेन में कितनी बोगियां हैं और कितनों को टिकट वितरण करना है। लोग कम आए इसलिए टिकट की कम बिक्री हुई।
