खेल और खिलाड़ियों का भविष्य मैदान में ही अटका, स्टेडियम में 116 करोड़ फुके, हाथ आई सिर्फ बदहाली
बिलासपुर- शहर में खेलों के विकास का सुनहरा सपना दिखाते हुए 116 करोड रुपए फूंक कर बनाया गया बहतराई अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर 13 साल बाद भी बदहाल ही है ।इस खेल परिसर के कई निर्माण कार्य भी अधूरे हैं हालत यह है कि उपयोग में आने के पहले ही दीवारों में दरारें आने लगी ,गुरुवार को खेल संचालनालय व खेल प्राधिकरण के अधिकारियों ने खेल परिसर का निरीक्षण किया तो वो भी देखकर वह भी दंग रह गए ,अधिकारियों ने यहां ढेरों खामियां निकाली ,और मार्च से पहले परिसर को नए सिरे से सवारने की बातें कहीं, वर्ष 2007 से इस अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर का पीडब्ल्यूडी और खेल विभाग द्वारा निर्माण शुरू किया गया था जो सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता गया ,
निर्माण पूरा हुआ नहीं और भवन बदहाल होने लगे अब यहां हॉकी तीरंदाजी और एथलेटिक के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन किए जाने है ,जिसके लिए खेल विभाग उठापटक कर रहा है, गुरुवार को रायपुर से खेल संचालनालय और खेल प्राधिकरण की 4 सदस्य टीम ने इस परिसर का निरीक्षण किया, इस दौरान टीम को खेल परिसर में खामियां ही खामियां नजर आई ,टीम इन खामियों की रिपोर्ट तैयार कर रही है ,अधिकारियों का कहना है कि मार्च से परिसर में खिलाड़ियों के लिए एकेडमी संचालित की जाएगी जिसके लिए सुविधाओं का अभाव है,
राजा मनीष मनसागर
