मुगलकाल से सरकारी दस्तावेजो में प्रयोग हो रहे इन 75 शब्दों के मायने ? अगर आपको पता है तो आप बहुत जानकार है..

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बिलासपुर- राजस्व विभाग में फारसी के 75 ऐसे शब्द है जो मुगल काल से ही चले आ रहे हैं। इनकी मौजूदगी राजस्व दस्तावेजों में बेहद मजबूती के साथ दर्ज है। आम आदमी को यह शब्द समझ में नहीं आती लेकिन दस्तावेज में पीढ़ी दर पीढ़ी दर्ज हो रहे हैं ।इन अधिकांश शब्दों का अर्थ राजस्व विभाग में काम करने बतौर प्रशिक्षु पहुंचे युवा आईएएस अधिकारियों को भी नहीं होता ।इनके अलावा विभाग में आने वाले युवा अधिकारी और राजस्व अमला भी इन शब्दों से बार-बार मुश्किल में फंसता है।। इन शब्दों के हिंदी अर्थ खोजने के लिए इनके टेबलों पर हिंदी उर्दू शब्दकोश नजर आ रहे हैं।।

तितम्मा मिलान क्या होता है ,? अखात तफसील क्या है ?सकुनत का क्या मतलब होता है ? कुछ इस तरह के सवाल ट्रेनी आई एस और युवा राजस्व अधिकारी अपने मातहत वरिष्ठ कर्मचारियों से पूछ रहे है।
इनमे से कई शब्द ऐसे हैं जिनका मतलब राजस्व विभाग के वरिष्ट अधिकारियों को भी मालूम नहीं है

रकबा, खसरा ,चांदा मुनारा, उपकर अवबाब, अलामत, मसाहति ग्राम, तफसिल खाता, मिजान, सकुंत वाजिब, मिसल, दाखिल- खारिज, कैफियत, गिरदावरी, तितम्म मिलान, नुक्सानियत, मौसूली, अखात तफसील, बिला शरकत, मजकूर, मतालवा, जुल हिस्सा, मौसूली सकुन्त, तरसिम जैसे शब्दों के अर्थ खोजना वाकई कुछ ज्यादा ही कठिन है।

ऐसे में हर दिन अधिकारियों को राजस्व के ऐसे जानकार अधिक आज एक खोजना पढ़ है जो रिटायर हो गए हैं और ऐसे शब्दों की समझ रखते है।

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