अपहरण के आरोपी नरेंद्र मोटवानी के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज…तीन लोगों के साथ मिलकर लाखों की धोखाधड़ी को दिया अंजाम

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बिलासपुर – न्यायधानी में धोखाधड़ी, अपहरण, मारपीट, धमकी जैसे अपराधों में संलिप्तता उजागर होने वाले आरोपी नरेंद्र मोटवानी सहित 3 और लोगों के खिलाफ कोटा थाने में कूटरचना कर लाखों की धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है। ग़ौरतलब है कि उसलापुर गुलमोहर पार्क कॉलोनी में रहने वाले अजय सिंह  (45) रेलवे में पेटी कांट्रेक्टर हैं।  साल 2016 में उन्होंने घर बनाने जमीन की तलाश कर रहे थे। इस दौरान शुभम विहार निवासी कौशल सिंह ने नेहरू नगर गीतांजली सिटी के पास उन्हें जमीन दिखाई, जिसे देखकर अजय ने पसंद कर लिया। जमीन खरीदने के लिए कौशल सिंह ने कोटा के सेंट्रल बैंक से लोन स्वीकृत कराने के लिए मैनेजर मनीष तिवारी से मिलाया।बातचीत में बैंक मैनेजर ने 22  लाख रुपए तक लोन मिलने और कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने की बात कही। इस दौरान उससे कागजात में हस्ताक्षर भी करा लिया। लेकिन, तब उसके नाम पर बैंक से लोन स्वीकृत नहीं हुआ था। मैनेजर ने उसके दस्तावेजों को मुख्यालय भेजने की बात कही थी। रेलवे ठेकेदार अयज सिंह 2018 में स्कूटी फाइनेंस कराने के लिए एजेंसी गए, जहां उनका सिविल चेक किया गया, तब पता चला कि उनके नाम पर सेंट्रल बैंक से होम लोन है और उन्हें स्कूटी के लिए लोन नहीं मिल सकता। होम लोन की जानकारी होने के बाद अजय सिंह सकते में आ गया। उसने कोटा स्थित सेंट्रल बैंक जाकर संपर्क किया तो पता चला कि 2016 से उनके नाम पर 14 लाख रुपए का होम लोन लिया गया है।  लोन की राशि को चेक के माध्यम से व्यापार विहार के गोविंदा कंस्ट्रक्शन के नाम पर जमा कराया गया है। अजय सिंह ने कौशल सिंह के साथ गोविंदा कंस्ट्रक्शन व्यापार विहार के प्रोपाइटर राजेश सिंह ठाकुर व नरेंद्र मोटवानी से जानकारी ली, तब वे पैसा वापस करने का झूठा आश्वासन देते रहे। इसके बाद से उसे लगातार घूमाते रहे।बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध…जब ठेकेदार को बैंक के लोन की राशि नहीं मिली, तब परेशान होकर उन्होंने कोटा के सेंट्रल बैंक से जानकारी जुटाई। दस्तावेज जुटाने के बाद बाद पता चला कि एग्रीमेंट में उसका फर्जी हस्ताक्षर किया गया है। साथ ही कूटरचना कर बैंक मैनेजर मनीष तिवारी से मिलीभगत कर उसके नाम से फर्जी तरीके से लोन लिया गया है।इसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत SSP पारुल माथुर से की। उनके निर्देश पर कोटा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने गोविंदा कंस्ट्रक्शन के संचालक राजेश सिंह ठाकुर व नरेंद्र मोटवानी, कौशल सिंह के साथ ही बैंक मैनेजर मनीष तिवारी के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र कर धोखाधड़ी करने का अपराध दर्ज किया है।

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