न्यायधानी बिलासपुर में लॉकडाउन🔐…? जल्द या इंतज़ार.!!?!!
बिलासपुर – बिलासपुर में लॉकडाउन की संभावना दिखाई तो पड़ रही है। लेकिन गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की चिंता करते हुए जिला प्रशासन ने लॉकडाउन लगाने से वर्तमान में निर्णय लेतेे हुए कहा कि पूरा जोर वैक्सीनेशन पर है अगर उनका यह प्रयास सफल रहा तो लॉकडाउन की आवश्यकता ही नही पड़ेगी।बीते समय के लॉकडाउन में जिला प्रशासन को काफी कुछ सोचने समझने का मौका मिला है। कोरोना के मरीजों की बढी रफ्तार के कारण पिछली बार जो लॉकडाउन किया गया था उससे सबसे ज्यादा गरीब और कमजोर वर्ग को परेशानी हुई थी। फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले और रोजी मजदूरी करने वालों को रोजी-रोटी के लाले पड़ गए थे। यही कारण है कि इस बार जिला प्रशासन काफी सोच समझकर कदम उठा रहा है। हालांकि एक बार फिर बढ़ते मरीजों को देखते हुए लोगो के बीच लॉकडाउन लगने की चर्चा आम हो गई है जिससे गरीबों के माथे पर चिंता नजर आने लगी है। उनका कहना है कि लॉकडाउन लगने से उनकी रोजी-रोटी चली जाती है। कलेक्टर सारांश मित्तर ने स्पष्ट किया है कि इस बार लॉकडाउन लगाने की बजाय वैक्सीनेशन पर उन्होंने पूरा ध्यान केंद्रित किया है। ज्यादा से ज्यादा वेक्सिनेशन होने पर लॉकडाउन की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। इसीलिए उन्होंने कहा की फिलहाल तो लॉकडाउन नही किया जा रहा है।कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर का स्पष्ट कहना है की अगर लोग समझदारी से काम लेंगे और कोरोना के नियमों का पालन करेंगे तो वैसे भी जिले में लॉकडाउन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने सभी से अपील की है की आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकले जब बाहर निकले तब मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करें। टीके ज़रूर लगवाएं। हालांकि बीते 15 दिनों में कोरोनावायरस एक बार फिर से हाहाकार मचा दिया है राज्य के पांच छह जिलों में स्थिति काफी खराब हुई है। उसके बावजूद अगर जागरूकता सजगता और सावधानी के साथ इससे निपटा जाए तो जीत होनी तय है।
-शुभाशीष मोइत्रा..!!
